भागलपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार की देर शाम रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 लाख रुपये नकद (कैश) के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन से उतरकर बाहर निकलने के दौरान आरपीएफ ने उसे दबोच लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने खुद को एक निजी कंपनी का कर्मचारी बताया है। नकदी की इस बड़ी खेप के तार हवाला या किसी संगठित गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ समय से लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि झारखंड के दुमका से कुछ संदिग्ध लोग रेल मार्ग के जरिए भारी मात्रा में नकदी लेकर निकलने वाले हैं। इस इनपुट के आधार पर भागलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्मों और सर्कुलेटिंग एरिया में सतर्कता बढ़ा दी गई और विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया। बुधवार शाम जब ट्रेन भागलपुर पहुंची, तो प्लेटफॉर्म पर उतरकर तेजी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोका गया। जब उसके बैग की विधिवत तलाशी ली गई, तो सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए।
बैग के भीतर नोटों के बंडल भरे हुए थे, जिनकी गिनती करने पर कुल 12 लाख रुपये बरामद हुए। हालांकि, सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई के दौरान उसके साथ मौजूद अन्य साथी भीड़ का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहे। पकड़े गए व्यक्ति से जब इतनी बड़ी रकम के स्रोत और वैध दस्तावेजों के बारे में पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब या कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह इस पूरी रकम को दुमका से लेकर पहले पटना और फिर वहां से मुजफ्फरपुर पहुंचाने की फिराक में था। मामले की गंभीरता और वित्तीय अनियमितता को देखते हुए आरपीएफ ने तुरंत इसकी सूचना आयकर विभाग (Income Tax Department) को दी। आयकर विभाग के अधिकारी स्टेशन स्थित आरपीएफ पोस्ट पर पहुंचे और नकदी को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारी आरोपी से यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह रकम किसकी थी और इसे किस मकसद से एक शहर से दूसरे शहर भेजा जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि गहन छानबीन के बाद अंतरराज्यीय स्तर पर नकदी की अवैध आवाजाही करने वाले किसी बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
