February 23, 2026
Swami-Vivekananda-Jayanti

 रामकृष्ण मिशन स्वामी विवेकानंद के पैतृक आवास एवं सांस्कृतिक केंद्र के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद मिलन मेला सहित पांच दिनों तक विचार, संस्कृति, संगीत, नाटक और युवा संवाद से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे। आयोजन नौ जनवरी से शुरू होकर 13 जनवरी 2026 तक चलेगा।

उत्सव की शुरुआत नौ जनवरी की शाम 5.30 बजे होगी। पहले दिन स्वामी विवेकानंद पाठचक्र के तत्वावधान में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में स्वामी विवकानंद के विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा होगी। इस दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम भी रखा गया है।

10 जनवरी को सुबह 10.30 बजे युवा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश और समाज के प्रति युवाओं की भूमिका, शिक्षा और चरित्र निर्माण जैसे विषयों पर वक्ता अपने विचार रखेंगे। इसी दिन शाम को स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रीय चेतना विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें विवेकानंद के राष्ट्रवादी विचारों और उनके सामाजिक संदेश पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

11 जनवरी को सुबह 11 बजे से चित्रांकन प्रतियोगिता और संगोष्ठी होगी। इसमें भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में श्रीरामकृष्ण मठ और स्वामी विवेकानंद की प्रेरणाओं पर वक्तव्य दिए जाएंगे। शाम को सांस्कृतिक संध्या के तहत संगीत और नृत्य प्रस्तुतियां होंगी।

12 जनवरी, जो स्वामी विवेकानंद की जयंती है, उस दिन सुबह 5.30 बजे से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिन भर शांति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संदेश को केंद्र में रखते हुए विभिन्न आयोजन होंगे। इसी दिन शाम को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

13 जनवरी की शाम 5.30 बजे समापन समारोह होगा। समापन दिवस पर संगीत कार्यक्रम, नाटक और विवेकानंद के विचारों पर आधारित प्रस्तुतियों के साथ उत्सव का औपचारिक समापन किया जाएगा।

स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव के तहत 10 जनवरी को सुबह 10 बजे पाठचक्र भवन में स्वामीजी की जन्मतिथि का विशेष आयोजन भी होगा। वहीं 12 जनवरी को सुबह नौ बजे राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामीजी स्मरण पदयात्रा निकाली जाएगी, जो उनके पैतृक आवास से शुरू होगी।

आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और युवाओं को राष्ट्र सेवा, मानवता और आत्मविश्वास के मार्ग पर प्रेरित करना है। स्वामी विवेकानंद मिलन मेला के माध्यम से कोलकाता में एक बार फिर स्वामीजी के विचारों की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *