April 6, 2026
politics (2)

टाटा पावर मजदूर यूनियन का प्रथम सम्मेलन आयोजित किया गया. इस मौके पर एटक के राष्ट्रीय सचिव व यूनियन के उपाध्यक्ष अम्बुज ठाकुर ने कहा कि आज जो मजदूरों की स्थिति है ऐसे दौर में टाटा पावर मजदूर यूनियन की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण हो जाती है. यह संगठन मजदूरों की आवाज बनकर उनके अधिकार व सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि मजदूरों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और संगठित होकर ही अपने अधिकारों की रक्षा संभव है. उन्होंने कहा कि मजदूरों को उसका हक दिलाने के लिए यूनियन का संघर्ष लगातार जारी रहेगा. आज जिस तरह से महंगाई है उसमें मजदूरों को जो वेतन मिल रहा उससे परिवार चलाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा मजदूरों को उनका हक नहीं दिया जा रहा. उनसे 12 घंटे काम लेकर उन्हें गुलाम बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी में 20 वर्षों से अधिक समय से काम करने वाले का अपग्रेडेशन भी नहीं किया जा रहा।

रविवार को गोविन्दपुर स्थित चित्रगुप्त भवन में टाटा पावर मजदूर यूनियन का प्रथम सम्मेलन आयोजित किया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता एआईटीयूसी के राज्य सचिव सह यूनियन के उपाध्यक्ष अम्बुज कुमार ठाकुर ने की, जबकि एआईटीयूसी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड जयशंकर प्रसाद पर्यवेक्षक के रूप में थे. कार्यक्रम की शुरुआत झंडोत्तोलन के साथ हुई. इस दौरान यूनियन के सभी सदस्यों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में देश में मजदूर विरोधी नीतियों को लगातार लागू किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ठेका प्रथा, श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण की नीति को मजदूरों के भविष्य के लिए खतरा बताया गया. सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में मजदूरों के हक, सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा. अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने और मजदूर हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

इस  यूनियन की 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसके बाद 8 पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।  इस मौक पर नेता रामजीवन कामत, विक्रम सिंह, श्रवण कुमार, पिंकी सिंह, मुखिया सोनिका सरदार, मुकेश रजक, राजू सामद, रंजन यादव समेत अन्य मौजूद थे। इन्हें मिली ये जिम्मेदारी,  अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष अम्बुज कुमार ठाकुर, सिताराम कामत व हीरा अरकने अरकने, महासचिव निगमानंद पाल, सचिव पवन कुमार, सहायक सचिव राजेश सिंह व कोषाध्यक्ष शुभम तिवारी बने, जबकि कार्यकारिणी सदस्यों में धनंजय कुमार, मुगध हांसदा, संजीव प्रसाद, सुरेश तिवारी, अमरजीत कुमार, संतोष सिंह, जुन्नु सोरेन, विजयंती मार्डी, साजन हांसदा, रोशन दास, आलोक कुमार झा, इंद्रजीत कुमार शामिल किए गए.

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