टाटा पावर ने ‘विश्व ऑटिज्म जागरुकता दिवस’ पर देश के कई शहरों में अपने मुख्य दफ्तरों को नीली रोशनी से रोशन किया. यह पहल, जो कंपनी की प्रमुख ‘पेय ऑटेंशन’ अभियान के तहत शुरू की गई जिसका उद्देश्य ऑटिज़्म के बारे में जागरूकता फैलाना, न्यूरोडायवर्सिटी (मस्तिष्क की विविधता) को स्वीकार करने की भावना को बढ़ावा देना व ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम पर मौजूद लोगों के प्रति अपने समर्थन को खुलकर जाहिर करना था।
इस देशव्यापी मुहिम के तहत, टाटा पावर ने अपने कई मुख्य ऑपरेशनल ठिकानों को रोशन किया जिनमें नई दिल्ली में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन, मुंबई में कार्नाक, महालक्ष्मी और बोरीवली के दफ़्तर व ओडि़शा में टीपीसीओडीएल, टीपीएनओडीएल, टीपीएसओडीएल व टीपीडब्ल्यूओडीएल के कार्यालय शामिल थे. इस तरह कंपनी ने एक जोरदार व एकजुट दृश्य संदेश दिया, जिसने बड़े पैमाने पर समावेश के संदेश को और भी ज़्यादा प्रभावी बना दिया।
ऑटिज़्म जागरूकता के प्रतीक के तौर पर दुनिया भर में पहचानी जाने वाली यह नीली रोशनी, महज एक प्रतीकात्मक इशारा भर नहीं थी, बल्कि इसने ऑटिज्म से प्रभावित लोगों के लिए शुरुआती समझ, स्वीकार्यता और समान अवसरों जैसे अहम मुद्दों पर सार्थक बातचीत शुरू करने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभायी।
