खगौल थाना क्षेत्र के आरओबी के पास कस्टम अधिकारी बताकर जांच के नाम पर गुजरात के स्वर्ण कारोबारी के कर्मियों से 15 किलोग्राम सोना लेकर भागने वाले गिरोह की पुलिस ने पहचान कर ली है। इसमें अधिकांश बदमाशों का कनेक्शन पटना से जुड़ रहा है। बदमाशों ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। इसमें चोरी की कार व बाइक का इस्तेमाल किया गया था।
घटना के बाद बदमाश ने एक कर्मी को अपनी कार में ही छोड़ दिए थे और सोने से भरा बैग लेकर भाग गए। भागने के क्रम में एम्स गोलंबर के पास पहुंचते ही बदमाशों की एक बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया था। बिना देर किए बदमाशों ने उस बाइक को वहीं छोड़ दिया और दूसरे वाहन में सवार हो गए। सूत्रों की मानें तो वह सोना लेकर कोइलवर होते हुए दिल्ली फरार हो गए। पुलिस की विशेष टीम आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है। सोना बरामद करने के बाद पुलिस जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर सकती है।
सूत्रों की मानें तो घटना के बाद पुलिस उस ऑटो की पहचान की, जिसमें कारोबारी के कर्मी सोना लेकर सवार हुए थे। ऑटो चालक से भी पूछताछ किया गया। दानापुर रेलवे स्टेशन के बाहर, घटनास्थल, नौबतपुर रोड, एम्स गोलंबर के आसपास सीसीटीवी फुटेज देखा गया। फुटेज से पुलिस कई अहम जानकारी मिली। पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है कारोबारी और कर्मियों के अलावा और कितने लोगों को इस बात की जानकारी थी कि सोना कब, किस साधन से कहां ले जाया जाना था। पुलिस को पूछताछ और तकनीकी अनुसंधान में कई अहम जानकारी मिली है।
गुजरात के स्वर्ण कारोबारी के दो कर्मी दो अप्रैल को दो बैग में 15 किलोग्राम सोना लेकर ट्रेन से दानापुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां से सोना लेकर दोनों कर्मियों को बाकरगंज जाना था। स्टेशन से बाहर आने के बाद दोनों कर्मी सोना लेकर ऑटो से बाकरगंज के लिए निकल थे।
खगौल आरओबी ओवरब्रिज पर चढ़ते ही पीछे से बाइक और कार सवार बदमाश आते है। ऑटो को आगे से रोककर अपने को कस्टम अधिकारी बताते है। फिर जांच के नाम पर ऑटो से सोना से भरा बैग लेते हुए एक कर्मी अपनी कार में बैठाकर चले गए। कुछ दूर आगे नौबतपुर रोड में कर्मी और कार को वहीं छोड़ दिए और जेवर से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
