नैटको फार्मा ने भारतीय बाजार में मधुमेह के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवा ‘सेमाग्लूटाइड’ का अपना जेनेरिक संस्करण लॉन्च किया है, जिसकी कीमत मात्र १,२९० रुपये निर्धारित की गई है। यह कदम देश में मधुमेह के उपचार को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ी क्रांति माना जा रहा है, क्योंकि नैटको की कीमत मौजूदा बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बेची जा रही दवाओं की तुलना में काफी कम है। कंपनी का लक्ष्य उन लाखों मरीजों को राहत पहुँचाना है जो अब तक उच्च लागत के कारण इस आधुनिक चिकित्सा का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
सेमाग्लूटाइड न केवल रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में प्रभावी है, बल्कि यह वजन घटाने में भी सहायक सिद्ध होती है, जिससे इसकी मांग बाजार में बहुत अधिक है। नैटको फार्मा द्वारा इतनी कम कीमत पर इस दवा को पेश करने से अन्य दवा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वदेशी और किफायती विकल्प की उपलब्धता से भारत में टाइप-२ मधुमेह के प्रबंधन में आमूलचूल परिवर्तन आएगा और स्वास्थ्य देखभाल की लागत में कमी आएगी।
