कोटक महिंद्रा बैंक ने ११ फरवरी को कोलकाता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा की, जिसके तहत वह इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर का उपयोग करके एफपीआई लाइसेंस जारी करने और खाता खोलने के दस्तावेज़ों को निष्पादित करने वाला भारत का पहला कस्टोडियन बन गया है। बैंक ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों के आधार पर पहले २ एफपीआई लाइसेंस पहले ही जारी कर दिए हैं, जो सेबी के डिजिटल परिवर्तन एजेंडे के बिल्कुल अनुरूप है। यह कदम कागजी कार्यवाही को खत्म कर परिचालन जोखिमों को कम करता है और ग्राहकों को एक आधुनिक और निर्बाध अनुभव प्रदान करता है।
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रेसिडेंट (बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान समूह), सचिन सामंत ने कहा कि डिजिटल हस्ताक्षरों के माध्यम से एफपीआई पंजीकरण और क्लाइंट ऑनबोर्डिंग को सुव्यवस्थित करके, कोटक भारत के पूंजी बाजार को अधिक आधुनिक और पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पहल भारत के बाजार तक पहुंच को सरल बनाने और एक डिजिटल-फर्स्ट इकोसिस्टम बनाने की बैंक की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
