February 5, 2026
IMG_2315

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा जारी ‘एआई तैयारी सूचकांक’ में भारत की रैंकिंग पर असहमति जताई है। आईएमएफ ने भारत को उन देशों की श्रेणी में रखा था जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, जिसे मंत्री ने खारिज करते हुए कहा कि भारत स्पष्ट रूप से दुनिया के उन अग्रणी देशों के समूह में शामिल है जो एआई क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में एआई प्रतिभा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की गति वैश्विक स्तर पर सबसे तेज है, जिसे आईएमएफ की रिपोर्ट में सही ढंग से नहीं आंका गया है।

वैष्णव ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार ‘इंडिया एआई मिशन’ के माध्यम से बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता और एआई कौशल विकास पर १०,३७२ करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल एआई का उपयोग कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि और सुशासन जैसे क्षेत्रों में समाधान विकसित करने में दुनिया में सबसे आगे है। मंत्री के अनुसार, वैश्विक रैंकिंग को भारत की जमीनी हकीकत और यहाँ हो रहे डिजिटल बदलावों को अधिक निष्पक्षता से देखना चाहिए, क्योंकि देश अब केवल एक उपभोक्ता नहीं बल्कि एआई तकनीक का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *