April 10, 2026
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एयर इंडिया समूह ने वैश्विक स्तर पर विमानन ईंधन की कीमतों में भारी उछाल को देखते हुए अपने ईंधन अधिभार की दरों में संशोधन किया है। ८ अप्रैल २०२६ से प्रभावी होने वाले इन नए नियमों के तहत, घरेलू उड़ानों के लिए अब एक समान शुल्क के बजाय दूरी के आधार पर शुल्क लिया जाएगा। कम दूरी (५०० किमी तक) की उड़ानों के लिए यह शुल्क २९९ रुपये होगा, जबकि २,००० किमी से अधिक की लंबी दूरी की उड़ानों के लिए यात्रियों को ८९९ रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यह बदलाव एयर इंडिया के साथ-साथ उसकी सहयोगी एयरलाइन ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ पर भी लागू होगा।  

अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बढ़ोतरी और भी अधिक है। यूरोप की उड़ानों के लिए २०५ डॉलर और उत्तरी अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए २८० डॉलर का अधिभार तय किया गया है, जो १० अप्रैल २०२६ से लागू होगा। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि ईरान युद्ध के कारण पिछले एक महीने में जेट ईंधन की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिससे परिचालन लागत में भारी वृद्धि हुई है। हालांकि, ८ अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकटों पर यह नया शुल्क लागू नहीं होगा, बशर्ते यात्री अपनी यात्रा की तारीख या मार्ग में कोई बदलाव न करें। यह कदम एयर इंडिया द्वारा ईंधन की बढ़ती कीमतों के आर्थिक बोझ को कम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। 

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