पश्चिम बंगाल में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दौरान एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, दो हजार चौबीस के लोकसभा चुनावों की तुलना में राज्य के मतदाताओं की संख्या में लगभग अड़सठ लाख की कमी आने की संभावना है, जो कुल मतदाताओं का लगभग नौ प्रतिशत है। सोलह दिसंबर को प्रकाशित प्रारंभिक मसौदा सूची में पहले ही लगभग अठावन लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे, जिनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाता शामिल थे। हाल ही में संपन्न हुई व्यक्तिगत सुनवाई के बाद, अब लगभग दस लाख और नाम हटाए जाने की तैयारी है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, सुनवाई के दौरान लगभग पांच लाख मतदाता उपस्थित नहीं हुए और जाँच में लगभग एक लाख साठ हजार से अधिक मतदाताओं को अपात्र पाया गया है। इसके विपरीत, आयोग को नए मतदाताओं के रूप में शामिल होने के लिए लगभग सात लाख चालीस हजार आवेदन भी प्राप्त हुए हैं। मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की इस प्रक्रिया के बाद, अंतिम मतदाता सूची अट्ठाईस फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण सुधार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी चुनावों में केवल वैध मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
