१२ जनवरी, २०२६ को भारतीय शेयर बाजार के लिए ट्रेडिंग सेटअप काफी महत्वपूर्ण नजर आ रहा है। पिछले सत्रों में आई गिरावट के बाद, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या निफ्टी ५० निचले स्तरों से वापसी (बाउंस बैक) कर पाएगा। बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी के लिए २४,१०० से २४,२०० का स्तर एक मजबूत आधार के रूप में कार्य कर सकता है, जबकि ऊपरी स्तरों पर २४,५०० पर प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) देखने को मिल सकता है। वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों का बाजार की दिशा तय करने में बड़ा हाथ होगा। व्यापारियों को सलाह दी जा रही है कि वे सतर्क रहें और किसी भी बड़े बदलाव के लिए प्रमुख तकनीकी स्तरों पर बारीकी से नजर रखें।
दूसरी ओर, बैंक निफ्टी और चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों में हलचल रहने की संभावना है। तकनीकी चार्ट के अनुसार, यदि बाजार सोमवार को सकारात्मक शुरुआत करता है, तो शार्ट-कवरिंग के कारण तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है, इसलिए विशेषज्ञों ने स्टॉप-लॉस के साथ व्यापार करने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया है। आईटी और बैंकिंग सेक्टर के तिमाही नतीजे भी निकट भविष्य में बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे। कुल मिलाकर, सोमवार का सत्र यह तय करेगा कि बाजार अपनी रिकवरी जारी रखेगा या दबाव में बना रहेगा।
