
पटना सिविल कोर्ट परिसर को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल के बाद शुक्रवार को हड़कंप मच गया। कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराते हुए न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षा घेरे में बाहर ले जाया गया। किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। हालांकि, जांच में कहीं किसी प्रकार की कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हो सकी है। जिला व अनुमंडलीय कोर्ट परिसर में देर शाम तक छानबीन होती रही। धमकी भरा संदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय के ई-मेल पर भेजा गया था। यह कहा गया था कि आरडीएक्स से चार विस्फोट होगा।
मेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के साथ का भी दावा किया गया था। मेल गुरुवार की रात 10.37 पर भेजी गई थी। मेल देखने के बाद शुक्रवार को करीब 11 बजे पुलिस को सूचित किया गया। पीरबहोर थाना की पुलिस के साथ एसडीपीओ और सिटी एसपी दीक्षा भी सिविल कोर्ट पहुंच गईं। बम निरोधक दस्ता की मदद से करीब चार घंटे तक पुलिस और जांच एजेंसी ने सर्च आपरेशन चलाया, पर कहीं कुछ नहीं मिला। पटना सिविल कोर्ट के साथ ही दानापुर, मसौढ़ी, बाढ़, पालीगंज अनुमंडलीय कोर्ट को भी खाली करा दिया गया था। पटना व्यवहार न्यायालय के प्रभारी निबंधक ने जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव को सूचना देते हुए सुरक्षा कारणों से सिविल कोर्ट परिसर खाली करने का अनुरोध किया। सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की सूचना मिलते ही सिविल कोर्ट की सघन तलाशी ली गई। मेल किसने भेजी इसकी जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई से साइबर सेल की मदद ली जाएगी।
धमकी भरे ई-मेल में तमिलनाडु का उल्लेख ई-मेल द्रविड़ियन माडल क्लब के निवेधा पेथुराज उदयनिधि के नाम से भेजी गई थी। इसमें लिखा गया है कि “बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। चार आरडीएक्स आइईडीएस न्यायाधीश के कक्ष और न्यायालय परिसर के
भीतर स्थापित कर दिया गया है। यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के सहयोग से किया गया है। बिहारी श्रमिक चेन्नई भेजना बंद करें। आज का आरडीएक्स ब्लास्ट सभी तमिलों की ओर से एक संदेश होगा।’ पुलिस मेल भेजने वाले का पता लगा रही है कि इसके पीछे उद्देश्य क्या था।