ओटीएम मुंबई में सफल शुरुआत के बाद साउथ अफ्रीकन टूरिज्म ने अपने वार्षिक इंडिया रोडशो का कोलकाता चरण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह पहल भारतीय ट्रैवल ट्रेड के साथ मजबूत संवाद और सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है, साथ ही भारत को साउथ अफ्रीका के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बाजार के रूप में और मजबूत बनाती है। मार्केटिंग और कम्युनिकेशन मैनेजर (MEISEA) सुश्री मिताली करमारकर के नेतृत्व में आयोजित इस रोडशो ने इंडस्ट्री के लिए एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया, जहाँ बदलते ट्रैवल रुझानों पर चर्चा हुई और लीजर, कॉर्पोरेट तथा एमआईसीई सेगमेंट में नए कारोबारी अवसरों की पहचान की गई। इस रोडशो में 40 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने विविध पर्यटन उत्पादों और अनुभवों को पेश किया। कोलकाता में आयोजित इस कार्यक्रम में 220 से ज्यादा भारतीय ट्रैवल एजेंट्स ने भाग लिया। बहु-शहरी इस पहल का अगला चरण 12 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित होगा, जिससे व्यापारिक साझेदारियों को और मजबूती मिलेगी और साउथ अफ्रीका की ओर आउटबाउंड यात्रा को प्रोत्साहन मिलेगा।
रोडशो के दौरान अपने विचार साझा करते हुए सुश्री करमारकर ने कहा, “भारत साउथ अफ्रीकन टूरिज्म के लिए एक प्राथमिक विकास बाजार बना हुआ है। पारिवारिक यात्राओं, अनुभव आधारित छुट्टियों और प्रीमियम ट्रैवल में भारतीय यात्रियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। आज के यात्री एआई आधारित टूल्स का उपयोग कर अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं, कम लेकिन बेहतर यात्राएं करना पसंद करते हैं और पारंपरिक स्थलों से आगे बढ़कर नए अनुभवों को तलाशने के लिए तैयार हैं। यह बदलाव हमें साउथ अफ्रीका के कम-ज्ञात लेकिन खास क्षेत्रों और अनुभवों को सामने लाने का अवसर देता है।”
उन्होंने आगे कहा, “कोलकाता भारत में साउथ अफ्रीका के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बाजार है। यहाँ के यात्री सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और अनुभव आधारित यात्राओं को पसंद करते हैं। वे विरासत, प्रकृति और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी यात्राओं में रुचि रखते हैं और लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए भी उत्साहित रहते हैं। इस रोडशो के माध्यम से हमारा उद्देश्य कोलकाता के ट्रैवल ट्रेड के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना है। साथ ही इस अहम बाजार में दक्षिण अफ्रीका की पहचान और मौजूदगी को और मजबूत बनाने की दिशा में भी यह एक ठोस कदम है।”
