विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने मंगलवार को शिवहर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बृजेश कुमार के चार ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में मिले दस्तावेज के अनुसार बृजेश कुमार से अमीर उनकी पत्नी हैं। गीतांजलि के नाम पर करोड़ों की जायदाद है। शिवहर स्थित उनके सरकारी कार्यालय एवं आवास, बेतिया स्थित उनके पैतृक आवास और सीतामढ़ी स्थित ससुराल में तलाशी ली गई।
डीडीसी की पत्नी व पेशे से गृहिणी गीतांजलि के नाम पर दानापुर के सगुना मोड़ पर तीन व्यावसायिक दुकानें मिली हैं, जिनकी कीमत 2.27 करोड़ से अधिक है। डीडीसी एवं उनकी पत्नी के नाम से अचल संपत्ति के मिले कई अन्य दस्तावेजों की भी छानबीन चल रही है। गीतांजलि के नाम पर सगुना मोड़ स्थित ओम गंगा कॉम्प्लेक्स में दो और प्रगति टावर में एक व्यावसायिक दुकान सहित चार परिसंपत्तियों का पता चला है। यह अचल संपत्तियां 2022-23 में बृजेश कुमार के मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) के एसडीओ रहने के दौरान खरीदी गई। बृजेश कुमार इससे पहले चकिया (मोतिहारी) में एसडीओ और नालंदा में वरीय उप समाहर्ता थे। बृजेश के खिलाफ 1.84 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने के बाद एसवीयू ने यह कार्रवाई की है। छापेमारी में मिले जमीन व मकान के दस्तावेजों और निवेश के आधार पर उनकी आय से अधिक संपत्ति आकलन से तीन गुना अधिक होने का अनुमान है। एसवीयू के मुताबिक बृजेश के विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में 21,31,324 रुपये निवेश की जानकारी मिली है। डीडीसी ने नरकटियागंज के शिकारपुर स्थित अपने पैतृक गांव में अपने संबंध से 2022 में 31.73 लाख रुपये मूल्य की जमीन का उपहार प्राप्त किया है। इस पर अलग से जांच चल रही है।
