साल के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहाँ सेंसेक्स सपाट स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी पचास मामूली बढ़त के साथ छब्बीस हजार एक सौ छियालीस के स्तर पर समाप्त हुआ। बाजार में सबसे बड़ी गिरावट एफएमसीजी क्षेत्र में दर्ज की गई, जिसमें चार प्रतिशत की भारी कमी आई। इस गिरावट का मुख्य कारण आईटीसी के शेयरों में हुआ दस प्रतिशत का जोरदार क्रैश था, जिसने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि, बाजार में अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक ‘इंडिया विक्स’ तीन प्रतिशत तक नीचे गिर गया, जो कम घबराहट का संकेत देता है।
क्षेत्रीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो एफएमसीजी के अलावा अन्य क्षेत्रों में मिला-जुला कारोबार रहा। आईटीसी में बड़ी बिकवाली ने पूरे बाजार की तेजी पर लगाम लगा दी, लेकिन कुछ अन्य लार्ज-कैप शेयरों ने सूचकांक को निचले स्तरों से संभालने में मदद की। ऑटो और बैंकिंग क्षेत्र में चुनिंदा खरीदारी देखी गई, जिससे निफ्टी को अपनी बढ़त बरकरार रखने में कामयाबी मिली। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और आगामी तिमाही नतीजों पर टिकी है, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
