इंस्टेंट ड्रिंक बाजार की अग्रणी कंपनी ‘रसना’ को इस गर्मी के मौसम में अपनी बिक्री में दहाई अंक की वृद्धि होने की उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन पिरुज खंबाटा के अनुसार, वर्ष २०२५ में बेमौसम बारिश के कारण बिक्री प्रभावित हुई थी, लेकिन २०२६ में अच्छी गर्मी पड़ने के अनुमान से मांग में भारी उछाल आने की संभावना है। लगभग २,००० करोड़ रुपये के कंसन्ट्रेट बाजार में ७० प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाली यह कंपनी अब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपनी पहुँच मजबूत कर रही है, जिसके देशभर में लगभग १३ लाख (१.३ मिलियन) आउटलेट हैं। इसके अलावा, बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए कंपनी ने बच्चों के लिए विटामिन और खनिजों से भरपूर नया उत्पाद ‘न्यूट्रि+’ भी पेश किया है।
युवाओं और मिलेनियल्स की स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को ध्यान में रखते हुए, रसना लगातार कम चीनी (लो-शुगर) वाले पेय पदार्थों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके ५ रुपये वाले पैक में अब केवल एक-तिहाई चीनी है, जबकि १० रुपये वाले नए उत्पाद में एक-चौथाई चीनी का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, कंपनी अब केवल गर्मी के मौसम पर निर्भरता कम करते हुए ‘रेडी-टू-ड्रिंक’ बाजार और अन्य श्रेणियों में भी विस्तार कर रही है, जिसके तहत ‘जंपिन’ फ्रूट ड्रिंक, शहद, सूप और प्रोटीन पाउडर जैसे उत्पाद पेश किए जा रहे हैं। कंपनी के कुल राजस्व का ४० प्रतिशत हिस्सा मध्य पूर्व और यूरोपीय बाजारों में होने वाले निर्यात से आता है।
