March 13, 2026
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से उत्पन्न गैस सिलेंडर संकट पर कहा कि यदि ईरान के स्तर पर समस्या सुलझ भी जाती है, तब भी यह संकट समाप्त नहीं होगा, क्योंकि दुनिया बदल रही है और संरचना बदल रही है। इसलिए हमें अपना माइंडसेट बदलना होगा। यदि भारत को केंद्र में रखकर काम नहीं किया गया तो समस्या और गहरी होगी।

राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि देश में एलपीजी और तेल संकट की अभी शुरुआत है। उन्होंने सदन में बोलने की इच्छा जताई, लेकिन नई प्रक्रिया के चलते उन्हें अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब मंत्री पहले तय करेंगे, फिर वह बोलेंगे और उसके बाद मंत्री जवाब देंगे। असल मुद्दा यह है कि गैस, पेट्रोल और सभी ईंधन समस्या बनने जा रहे हैं, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता हो चुका है।

उन्होंने कहा कि अभी तैयारी करने की जरूरत है, क्योंकि हमारे पास समय है। प्रधानमंत्री और सरकार को तुरंत इस संकट से निकलने की तैयारी शुरू करनी चाहिए। अगर तैयारी नहीं की गई तो करोड़ों लोगों को नुकसान होगा। यह मुद्दा केवल ईरान से ईंधन मिलने या न मिलने का नहीं है, बल्कि हम एक अस्थिर समय में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे समय में पुराना सोच काम नहीं करेगा और हमें नई सोच अपनानी होगी।

उन्होंने कहा कि वह कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहे हैं, बल्कि एक बड़ी समस्या को सामने देख रहे हैं। प्रधानमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लोग सुरक्षित रहें और ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन वह खुद घबराए हुए हैं। इस वजह से सदन में नहीं आ पा रहे हैं। प्रधानमंत्री देश से कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, जबकि वह खुद अलग कारणों से घबराए हुए हैं।

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