देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दिवसीय झारखंड दौरे पर जमशेदपुर पहुंची. इस दौरान वे गुरुवार की दोपहर मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज पहुंची. उनका राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, स्वास्थ्य मंंत्री इरफान अंसारी, एमएएचई के कुलपति वीएसएम (सेवानिवृत्त) लेफ्टिनेंट जनरल डा. एमडी वेंकटेश, मणिपाल शिक्षा और चिकित्सा समूह के समूह अध्यक्ष सोमनाथ दास, टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज डी बी सुन्दर रामम ने स्वागत किया. इस दौरान राष्ट्रपति ने छात्रों से बातचीत की. इस दौरान झारखंड के एक छोटे से गांव की रहने वाली व एमटीएमसी में पढ़ाई कर रही द्वितीय वर्ष की छात्रा पूर्णिमा हेम्ब्रम ने अपनी पढ़ाई को लेकर अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया. उनसे बातचीत के दौरान राष्ट्रपति द्र्रौपदी मुर्मू काफी प्रभावित हुए. उन्होंने सभी छात्रों के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए पूर्णिमा के संकल्प पर प्रकाश डाला. उन्होंने एमटीएमसी व उसके पूरे छात्र समुदाय से पूर्णिमा के संकल्प को एक आदर्श के रूप में अपनाने की अपील की. राष्ट्रपति ने मणिपाल समूह की विरासत की सराहना की, जिसके कारण एमटीएमसी का गठन हुआ, जिसने केवल छ: वर्षों में इस क्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा अर्जित की।
एमटीएमसी परिसर में किया पौधारोपण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एमटीएमसी परिसर में मियाजाकी आम के पौधे लगाए. इस दौरान राष्ट्रपति के साथ संकाय, प्रबंधन व छात्रों के साथ सामूहिक फोटो हुई।
कुलपति ने किया एमएएचई विरासत का उल्लेख
मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के टीएमए पाई हॉल में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में कुलपति ने 2019 में भारत सरकार के महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का उल्लेख किया, जिसके कारण मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (एमटीएमसी) नामक पहले निजी निजी कंसोर्टियम मॉडल मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील ने अपने टीएमएच को शिक्षण अस्पताल के रूप में प्रदान किया है. 150 एमबीबीएस छात्रों का पहला बैच शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से शुरू हुआ था, जो अब मार्च 2026 में पास होने वाला है. उन्होंने एमएएचई की विरासत का उल्लेख करते हुए ने विशेष रूप से एमएएचई के चांसलर डा. रामदास एम. पई व एमएएचई ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. रंजन पई की भूमिका का उल्लेख किया. उन्होंने 1953 में पहला निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित करके चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में मणिपाल की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने राष्ट्रपति का एमटीएमसी के आगमन के लिए आभार जताया।
पूर्णिमा की ये बातें राष्ट्रपति के दिल को छू लीं
एमटीएमसी में बातचीत के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को द्वितीय वर्ष की छात्रा पूर्णिमा हेम्ब्रम ने बताया कि वह शादीशुदा है, जिसके तीन बच्चे हैं और एक परिवार का समर्थन करना है. वह झारखंड के एक गांव से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन उनके माता-पिता और परिवार ने उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने व डॉक्टर बनने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जिससे वह दलितों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर सकें. उन्होंने पढ़ाई को लेकर अपना दृढ़ संकल्प से भी अवगत कराया।
