February 28, 2026
Manipal Hospital

मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास, मणिपाल अस्पताल समूह की प्रमुख इकाइयों में से एक, ने कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रारम्भिक पहचान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भागलपुर में एक विशेष कैंसर जागरूकता सत्र का आयोजन किया। वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर अनुमानित 1 करोड़ लोगों की मृत्यु कैंसर के कारण हुई, जिससे सभी आयु वर्ग के पुरुष और महिलाएं प्रभावित हुए। भारत में हर वर्ष लगभग 15 लाख नए कैंसर मामलों का निदान होता है और 8 लाख से अधिक मौतें इस बीमारी से जुड़ी हैं। जागरूकता को सशक्त बनाने, नियमित स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस इंटरैक्टिव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र का नेतृत्व मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास की वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. पूजा अग्रवाल, कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (ब्रेस्ट सर्जरी), तथा डॉ. नेहा अग्रवाल, कंसल्टेंट – गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी, ने किया। उन्होंने कैंसर के शुरुआती लक्षणों, स्क्रीनिंग दिशानिर्देशों और उपचार में हो रही आधुनिक प्रगति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

हालिया अध्ययनों के अनुसार, कैंसर की घटनाओं और मृत्यु दर में लगातार वृद्धि हो रही है। फेफड़ों, स्तन, कोलोरेक्टल, सर्वाइकल और मुख कैंसर प्रमुख प्रकारों में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जीवनशैली में सुधार और नियमित जांच के माध्यम से लगभग 40 प्रतिशत कैंसर को रोका जा सकता है। वहीं, प्रारम्भिक अवस्था में बीमारी का पता चलने पर जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर, शुरुआती चरण के स्तन कैंसर में पांच वर्षों के भीतर जीवित रहने की दर 90 प्रतिशत से अधिक होती है, जो समय पर पहचान के महत्व को दर्शाती है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय के बीच कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान को लेकर जागरूकता फैलाना और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना था। डॉक्टरों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और उन्नत उपचार पद्धतियों की मदद से यदि कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो कई मामलों में इसका सफलतापूर्वक इलाज संभव है, जिससे मरीज सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. पूजा अग्रवाल ने कहा, “आज सभी आयु वर्गों में कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन सकारात्मक पहलू यह है कि चिकित्सा विज्ञान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे अब बीमारी की जल्द पहचान और अधिक प्रभावी उपचार संभव हो पाया है। उन्नत डायग्नोस्टिक्स, प्रिसीजन इमेजिंग, न्यूनतम चीरे वाली सर्जरी और व्यक्तिगत उपचार पद्धतियों ने मरीजों के उपचार परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार किया है। मणिपाल अस्पताल ईएम बाईपास में हम बहु-विषयक और समग्र दृष्टिकोण के साथ विशेषज्ञों, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित उपचार रणनीतियों को एक साथ लाकर उच्चतम स्तर की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं तथा उपचार की पूरी प्रक्रिया में मरीजों को संवेदनशील सहयोग देते हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *