पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नए प्रशासनिक भवन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने न्यायपालिका के महत्व पर जोर देते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने का भावुक अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जब केंद्रीय एजेंसियां कथित तौर पर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, तब न्यायपालिका ही एकमात्र उम्मीद की किरण है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि अब उत्तर बंगाल के लोगों को न्याय के लिए ७०० किलोमीटर दूर कोलकाता नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां केवल एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ काम कर रही हैं। उन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आम आदमी का भरोसा केवल अदालतों पर टिका है। जलपाईगुड़ी में इस नई पीठ की स्थापना को उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करेगा। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जहाँ ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
