दरभंगा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर लगी लिफ्ट में मंगलवार को एक वृद्ध महिला तकनीकी खराबी के कारण फंस गई। ऊपर से नीचे आते समय लिफ्ट अचानक बंद हो गई, जिससे महिला लगभग एक घंटे तक अंदर ही फंसी रही। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद लिफ्ट के फाटक को कुल्हाड़ी व अन्य औजारों से काटकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बचाई गई महिला की पहचान बेगूसराय जिले के छतौना निवासी इंदु शेखर सिंह की पत्नी भारती कुमारी के रूप में हुई है। बाहर निकलने के बाद उन्हें सुरक्षित उनके घर के लिए रवाना कर दिया गया।
जीआरपी थानाध्यक्ष किंग कुंदन और आरपीएफ निरीक्षक पुखराज मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही दोनों सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर महिला को बाहर निकाला। बताया गया कि पिछले चार माह में इस लिफ्ट में यात्रियों के फंसने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले दुर्गा पूजा के दौरान देर रात नौ युवक इसमें फंस गए थे। एक माह बाद भी एक यात्री इसी लिफ्ट में फंस गया था।
लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने लिफ्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को मंडल के वरिष्ठ अभियंता दरभंगा पहुंचकर मामले की जांच करेंगे। लिफ्ट के पूरी तरह दुरुस्त होने तक इसका संचालन नहीं किया जाएगा। रेल प्रशासन ने मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
दूसरी ओर, जंक्शन पर लिफ्ट और एस्केलेटर के रखरखाव के लिए स्थायी तकनीकी व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई है। किसी भी खराबी की स्थिति में पटना से विशेषज्ञों को बुलाया जाता है, जिससे कई दिनों तक यात्री सुविधा प्रभावित रहती है। रेल प्रबंधन से यह मांग उठी है कि प्रतिदिन 35 से 40 हजार यात्रियों की आवाजाही वाले इस बड़े जंक्शन पर लिफ्ट और एस्केलेटर के लिए स्थायी मेंटेनेंस स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से यात्रियों को बचाया जा सके।
