सोमवार, १६ मार्च २०२६ की रात कोलकाता और उसके आसपास के जिलों में कुदरत का भीषण रूप देखने को मिला। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रात करीब ९ बजे शहर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया, जब ७० से ८० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बेहाला, जोधपुर पार्क और गरिया जैसे इलाकों से बड़े आकार के ओले गिरने की खबरें मिलीं। तूफान इतना शक्तिशाली था कि कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और दक्षिण कोलकाता के ‘डायमंड सिटी साउथ’ जैसे रिहायशी परिसरों में बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आईं।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही तेज नमी और निचले स्तर पर हवा के बदलते पैटर्न के कारण यह गंभीर मौसमी स्थिति पैदा हुई। इस तूफान का असर कोलकाता के अलावा हावड़ा, पूर्वी मेदिनीपुर और उत्तर व दक्षिण २४ परगना जिलों में भी देखा गया। खराब दृश्यता के कारण सड़कों पर यातायात की गति धीमी हो गई और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। मौसम विभाग ने नागरिकों को घरों के भीतर रहने और खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त सलाह दी है। अगले २४ घंटों के लिए भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है
