पटना की लाइफलाइन बन चुके मरीन ड्राइव का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने वाला है. गंगा की लहरों के किनारे अब सिर्फ गाड़ियां ही नहीं दौड़ेंगी, बल्कि लोगों को विश्वस्तरीय सैर-सपाटे का अनुभव भी मिलेगा. सरकार ने दीघा से लेकर सभ्यता द्वार तक करीब 7 किलोमीटर लंबे इलाके को एक भव्य ‘समग्र पार्क’ के रूप में विकसित करने का मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसका काम अब जमीन पर दिखने लगा है. 330 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले इस पार्क में प्रकृति और आधुनिकता का बेजोड़ संगम दिखेगा. यहां न केवल हरियाली होगी, बल्कि बटरफ्लाई पार्क, बोटेनिकल गार्डन और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी होंगी.
मिट्टी भराई का काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है और अगले दो सालों में यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा. दीघा से सभ्यता द्वार तक करीब 7 किलोमीटर लंबा समग्र पार्क विकसित किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट पटना के रिवरफ्रंट को नया रूप देगा और इसे एक बड़े पर्यटन केंद्र में बदल देगा इस 7 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच में अलग-अलग प्रजातियों के एक लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे. लगभग 50 हेक्टेयर के इस हरित क्षेत्र में 8 हेक्टेयर का हिस्सा विशेष रूप से वनस्पति पार्क के लिए आरक्षित होगा.
सुबह की सैर करने वालों के लिए 7 किलोमीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक और साइकिल प्रेमियों के लिए अलग से साइकिल ट्रैक बनाया जा रहा है, जो फिटनेस के साथ-साथ सुकून भरे पल भी देगा. इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाला ‘महिला हाट’ है. यह विशेष बाजार महिला उद्यमियों के लिए होगा, जहां वे अपने हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, पेंटिंग और घरेलू उत्पादों को बेच सकेंगी. इससे न केवल बिहार की कला को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिलेगी.
साथ ही, यहां आने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या न हो, इसके लिए 4 हजार कारों और 13 हजार दोपहिया वाहनों की विशाल पार्किंग क्षमता विकसित की जा रही है. बिहार राज्य पथ विकास निगम की इस पहल से जेपी गंगा पथ अब केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का ‘टूरिस्ट हब’ बनकर उभरेगा. टहलने के बाद लोग बेंचों पर बैठकर गंगा की ठंडी हवाओं का आनंद ले सकेंगे और आकर्षक कलाकृतियों के साथ सेल्फी ले सकेंगे. सभ्यता द्वार के पास बनने वाला बटरफ्लाई पार्क बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा.
