जलपाईगुड़ी नगरपालिका द्वारा आयोजित एक विशेष नागरिक सम्मेलन में शहर के भविष्य और अगले २५ वर्षों के विकास की रूपरेखा पर गंभीर चर्चा की गई। इस बैठक में सभी २५ वार्डों के निवासियों ने भाग लिया और मानसून के दौरान जलजमाव, सिमटते जल निकायों (वेटलैंड्स) और बढ़ती यातायात भीड़ जैसी प्रमुख समस्याओं पर अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। इस अवसर पर आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों ने भी अपनी प्रारंभिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की और शहर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए सुझाव साझा किए। स्थानीय पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी कि यदि जलाशयों का संरक्षण नहीं किया गया, तो शहर के पर्यावरण पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।
नगरपालिका के अध्यक्ष सैकत चटर्जी ने शहर के बढ़ते महत्व को देखते हुए जलपाईगुड़ी नगरपालिका को नगर निगम (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) में अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच और मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद शहर का विस्तार तेजी से हुआ है, इसलिए आसपास की ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल करना आवश्यक है। नागरिकों ने मांग की कि विकास योजनाओं में आम जनता की आजीविका और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इन सभी सुझावों को राज्य सरकार को भेजे जाने वाले आगामी विकास प्रस्तावों में शामिल किया जाएगा ताकि जलपाईगुड़ी को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाया जा सके।
