कोलकाता और आसपास के जिलों में इंडियन ऑयल का सर्वर क्रैश होने के कारण उत्पन्न हुए एलपीजी संकट को देखते हुए, कंपनी ने वितरकों को मैनुअल रिफिल बुकिंग स्वीकार करने का निर्देश दिया है। यह सर्वर क्रैश संभवतः युद्ध की स्थिति के कारण पैदा हुई घबराहट और बुकिंग के लिए अचानक बढ़ी कॉल्स की वजह से हुआ है। इस तकनीकी खराबी के कारण लगभग ५० लाख ग्राहक प्रभावित हुए हैं, जिन्हें फोन पर बुकिंग करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब शुक्रवार से ग्राहक सीधे गैस वितरक के पास जाकर मैनुअल बुकिंग करा सकते हैं, हालांकि दो बुकिंग के बीच २५ दिन का अंतराल होना अनिवार्य है।
इस संकट के कारण शहर में हाहाकार मचा हुआ है और कई हाउसिंग कॉम्प्लेक्स ने पाइप वाली गैस की आपूर्ति में कटौती कर दी है। व्यावसायिक गैस की कमी के कारण कोलकाता के कई प्रसिद्ध रेस्तरां और खाने-पीने की दुकानें या तो बंद हो गई हैं या उन्होंने बिजली से चलने वाले उपकरणों (इंडक्शन) का उपयोग शुरू कर दिया है। जहाँ एक ओर वितरण केंद्रों पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, वहीं बाजार में इंडक्शन कुकर की मांग में भी भारी उछाल आया है। प्रशासन इस स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वितरकों का मानना है कि जब तक सर्वर पूरी तरह ठीक नहीं होता, तब तक मैनुअल बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी की संभावना बनी रहेगी।
