इंडियन बैंक ने ३१ दिसंबर, २०२५ को समाप्त हुई तीसरी तिमाही के लिए अपने शुद्ध लाभ में ७.३३ प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है, जो बढ़कर ३,०६१ करोड़ रुपये हो गया है। बैंक की परिचालन आय और शुद्ध ब्याज आय में भी क्रमशः ५.७९ और ७.५० प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। इस वित्तीय सफलता के पीछे बैंक की जमा लागत में २५ आधार अंकों की गिरावट और व्यापार की मात्रा में वृद्धि का बड़ा हाथ रहा है, जिससे बैंक का ‘रिटर्न ऑन एसेट्स’ १.३० प्रतिशत और ‘रिटर्न ऑन इक्विटी’ १९.११ प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुँच गया है।
बैंक के ऋण क्षेत्र (एडवांस) में १४.२४ प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हुई है, जिसमें मुख्य योगदान खुदरा, कृषि और एम.एस.एम.ई. क्षेत्रों का रहा है, जिन्होंने मिलकर घरेलू अग्रिमों में ६६ प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी निभाई है। कुल जमा राशि भी १२.६२ प्रतिशत बढ़कर ७.९१ लाख करोड़ रुपये हो गई है। वित्तीय आंकड़ों के अलावा, बैंक ने डिजिटल बैंकिंग के विस्तार और शाखा नेटवर्क की बढ़त के साथ-साथ इस अवधि के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी अपने नाम किए हैं।
