एमएलए-एमपी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सह तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को अलीनगर से भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव समेत दो अभियुक्तों की तीन-तीन माह कैद की सजा बरकरार रखी। भाजपा विधायक ने मारपीट के इस मामले में पुनर्विचार याचिका लगाई थीं। इस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने फैसला बरकरार रखा । कोर्ट ने एक दिन पहले ही विधायक और दूसरे दोषी सुरेश यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
विधायक के खिलाफ गाली-गलौज के मामले में अदालत 27 मई को फैसला सुनाएगी। मारपीट के छह साल पुराने मामले में बीते 21 फरवरी को दोनों दोषियों को धारा 323 के तहत तीन तीन माह कैद और पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।कोर्ट ने मामले के सूचक उमेश मिश्र की और से दायर पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के बाद धारा 506 के तहत आंशिक दोषी करार दिया है। इसकी अगली सुनवाई व निर्णय के लिए आगामी 27 मई की तारीख निर्धारित की गई है। मामले में दोनों पक्षों की पुनर्विचार याचिका पर 22 मई को सुनवाई हुई थी। इसमें न्यायालय ने विधायक व सुरेश यादव को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
विधायक मिश्रीलाल यादव के विरुद्ध केस के सूचक केवटी थाने के समैला निवासी उमेश मिश्र ने कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि एमपी-एमएलए कोर्ट के तत्कालीन विशेष न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य के न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से सूचक व अन्य गवाहों ने अपनी गवाही में धमकी देने की बात कही थी पर दफा 506 के तहत अभियुक्तों को दोषी करार नहीं दिया गया। इसलिए इस पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर अभियुक्तों के विरुद्ध उचित आदेश पारित किया जाए। न्यायाधीश ने शुक्रवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्तों को आंशिक दोषी पाते हुए अगली सुनवाई व निर्णय के लिए 27 मई की तिथि निर्धारित की है। इसके बाद दोनों अभियुक्तों को पुनः न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
