गुलमोहर हाई स्कूल की प्राचार्या प्रीति सिन्हा को ‘डेरोजियो अवार्ड’ 2025 से सम्मानित किया गया. यह सम्मान सीआईएससीई की ओर से प्रदान किया जाने वाला शिक्षा के क्षेत्र का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार है. उन्हें यह पुरस्कार हेड ऑफ स्कूल्स श्रेणी में प्रदान किया गया, जिससे वे उन चुनिंदा विद्यालय प्रमुखों में शामिल हो गई हैं जिन्हें इस वर्ष शिक्षा में असाधारण सेवा के लिए राष्ट रभर से चुना गया।
यह अवार्ड चंडीगढ़ में आयोजित 68वीं वार्षिक एएसआईएससी स्कूल प्रिंसिपल्स कांफ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया. समारोह में देश भर से आए 2,500 से अधिक प्रिंसिपल्स, एजुकेशल लीडर थे. पुरस्कार वितरण का नेतृत्व न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज एवं कर्नाटक उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने किया. इस सम्मान में 24 ग्राम का स्वर्ण पदक, रजत-उत्कीर्ण प्रशस्ति-पट्ट, सम्मान पत्र, व एक लाख रुपये की नगद पुरस्कार शामिल है. प्रीति सिन्हा को यह सम्मान उनके अभिनव एमएफडीसीसी मॉडल के लिए प्रदान किया गया जो महामारी के बाद शिक्षा के पुनर्गठन के लिए बनाया गया पांच-स्तंभीय ढांचा है जिसमें मानसिक व भावनात्मक कल्याण, भविष्य-तैयार शिक्षक, डिजिटल रूपांतरण, करियर- उन्मुख कौशल आधारित शिक्षा व नागरिकता व पर्यावरणीय उत्तरदायित्व है।
इस मौके पर डॉ. जोसेफ इमैनुएल, मुख्य कार्यकारी व सीआईएससीई के सचिव सीआईएससीई ने कहा कि पुरस्कार विजेता अपनी प्रतिबद्धता, नवाचार और गहरे मानवीय प्रभाव के लिए विशिष्ट हैं। उनका कार्य सीआईएससीई विद्यालयों में हो रहे उल्लेखनीय शैक्षणिक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है।
