गुलमोहर हाई स्कूल के छात्र अक्षत सरकार को उनके अभिनव प्रोजेक्ट के लिए इंस्पायर मानक अवार्ड से सम्मानित किया गया. जीएलडीसी एक कम लागत वाला सुरक्षा समाधान है, जिसे विशेष रूप से ग्रामीण परिवारों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर का व्यापक उपयोग होता है, लेकिन गैस लीकेज का पता लगाने के उन्नत उपकरण अक्सर उपलब्ध नहीं होते या महंगे होते हैं. यह नवाचार एक सरल, सुलभ और किफायती उपाय प्रदान करने का प्रयास करता है, जिससे गैस रिसाव से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके. करीब 50 रुपये की लागत वाली यह टेप एलपीजी पाइप या सिलेंडर के कनेक्शन पॉइंट्स पर आसानी से लगायी जा सकती है जिसमें तीन-स्तरीय चेतावनी प्रणाली विकसित की गई है, जो गैस लीकेज की स्थिति में उपयोगकर्ताओं को सचेत करती है।
पहले चरण में कोबाल्ट क्लोराइड आधारित रासायनिक रंग-परिवर्तन संकेतक का उपयोग किया गया है, जो गैस रिसाव या उससे संबंधित पर्यावरणीय बदलावों के संपर्क में आने पर रंग बदलकर स्पष्ट दृश्य संकेत देता है. दूसरे चरण में ध्वनि चेतावनी प्रणाली है, जो रिसाव की स्थिति में हल्की आवाज उत्पन्न करती है, जिससे आसपास के लोगों को तुरंत सतर्क किया जा सके. तीसरे चरण में गंध आधारित चेतावनी तंत्र है, जो एक तेज़ गंध छोड़ता है, ताकि यदि कोई व्यक्ति दृश्य संकेत को न देख पाए, तो भी गैस रिसाव का पता चल सके. ये तीनों स्तर रंग परिवर्तन, ध्वनि संकेत और गंध चेतावनी मिलकर एक प्रभावी सुरक्षा प्रणाली बनाते हैं, जो समय रहते चेतावनी देकर एलपीजी से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक हो सकती है।
उन्हें इस परियोजना के आगे के विकास के लिए भारत सरकार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग की आरे से 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है. गुलमोहर हाई स्कूल की प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने अक्षत को बधाई देते हुए कहा कि यह विचार दर्शाता है कि युवा छा: वास्तविक जीवन की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए रचनात्मक तरीके से सोच सकते हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी विज्ञान व नवाचार के माध्यम से समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित कर रहे हैं।
