February 13, 2026
WhatsApp Image 2025-11-18 at 11.13.51 AM

ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी एबॅट ने अपने लोकप्रिय न्यूट्रिशन प्रोडक्ट ‘एंश्योर डायबिटीज केयर’ का नया और एडवांस्ड फॉर्मूलेशन लॉन्च किया है। 30 से अधिक वर्षों के वैज्ञानिक पोषण अनुभव और 60 से ज्‍यादा क्लिनिकल ट्रायल्स के आधार पर तैयार यह फार्मूला डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करेगा। इस नए ‘एंश्योर डायबिटीज केयर’ में जरूरी पोषक तत्व शामिल हैं, जिनमें 4 गुना अधिक मायो-इनोसिटॉल, और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स कार्बोहाइड्रेट ब्लेंड मौजूद है। यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल का अचानक बढ़ना कम करने में मदद करता है। प्रोटीन और हाई फाइबर से भरपूर यह फॉर्मूला ब्लड शुगर नियंत्रण, कोलेस्ट्रॉल कम करने और वजन प्रबंधन में मदद करता है। यह मांसपेशियों को मजबूत रखते हुए पेट की गहराई में जमा विसरल फैट को घटाने में भी सहायक है – जो हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का कारण बनता है। 

दुनियाभर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में 58.9 करोड़ वयस्क इस रोग से प्रभावित हैं और यह आंकड़ा साल 2050 तक बढ़कर 85.3 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में फिलहाल 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और डायबिटीज़ ग्रस्‍त रोगियों के मामले में दुनिया भर में दूसरे स्थान पर है। ऐसे में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पोषण जैसे समाधान इस बढ़ते बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

पोषण और ग्लाइसेमिक नियंत्रण, डायबिटीज़ प्रबंधन के दो अहम पहलू हैं, जिन्हें संतुलित रखना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। ग्लाइसेमिक नियंत्रण का अर्थ है—किसी व्यक्ति का अपने ब्‍लड शुगर लेवल को स्वस्थ सीमा में बनाए रखना। हर चार में से तीन लोग जो डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, वे उचित ग्लाइसेमिक नियंत्रण बनाए रखने में कठिनाई महसूस करते हैं। इसका कारण कई कारक हो सकते हैं — जैसे असंतुलित खानपान, आनुवंशिक प्रवृत्ति और जीवनशैली से जुड़ी आदतें। 

एबॅट की एशिया-पैसिफिक न्यूट्रिशन आरएंडडी सेंटर की सीनियर लीड, क्लिनिकल साइंस और न्यूट्रिशन, डॉ. एग्नेस सियू लिंग टे ने कहा, “डायबिटीज़-विशेष पोषण अब आधुनिक डायबिटीज़ देखभाल की एक मज़बूत नींव के रूप में उभर रहा है। चिकित्‍सीय साक्ष्य दर्शाते हैं कि यह ग्लाइसेमिक नियंत्रण को बेहतर बनाने, हृदय संबंधी जोखिम कम करने और वजन नियंत्रण में मदद करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जब इन्हें जीवनशैली में शामिल किया जाता है, तो ये डायबिटीज़ से जूझ रहे लोगों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने का प्रभावी साधन बन सकते हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *