पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते मधुबनी जिले में जाली नोट की तस्करी करने वाला, मास्टरमाइंड मो. अबुल इनाम उर्फ लादेन को मंगलवार सुबह उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर जाली नोट तस्करी के पाकिस्तानी हैंडलर अंसारी उर्फ मस्तान को भगाने का भी आरोप है। उसकी एक साल से तलाश थी। सुरक्षा एजेंसियां उससे जाली नोट तस्करी एवं पाकिस्तान हैंडलर के बारे में पूछताछ कर रही है। एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि अबुलं के विरुद्ध पिछले एक साल से सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। सोमवार की रात गुप्त सूचना मिली कि वह घर पहुंचा है। इस पर पुलिस टीम ने कार्रवाई
करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गत वर्ष एक मार्च को एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति जाली नोट लेकर नेपाल से आ रहा है। एसएसबी की टीम ने नेपाल से आ रहे मो. ताहिर को 13 हजार 800 रुपये के भारतीय एवं 6500 नेपाली जाली नोट के साथ पकड़ा था। पूछताछ के दौरान ताहिर ने बताया था कि वह लगभंग 20 वर्षों से जाली नोट तस्करी कर रहा है। इसमें मुख्य भूमिका पाकिस्तानी नागरिक अंसारी उर्फ मस्तान निभाता है। वह पाकिस्तान से कहू को अंदर
से खोखला कर उसमें प्लास्टिक के साथ लपेटकर भारतीय जाली नोट रखकर नेपाल के रास्ते भारत लाता है। पाकिस्तानी हैंडलर मधुबनी में ही है। पकड़े गए जाली नोट मधुबनी निवासी मो. राशिद जमाल उर्फ कमाल का है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मो. राशिद के अलावा उदयपुर निवासी हाजी मोहम्मद ओवैस तथा भारी मात्रा में जाली नोट व मशीन के साथ गुड्डू चौधरी को गिरफ्तार किया था। तब पाकिस्तानी हैंडलर मधुबनी में ही कहीं छुप गया था। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर अंसारी उर्फ मस्तान को अबुल इनाम ने अपने साथ छुपाकर रखा और फिर मौका देख संभवतः नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया।
