केन्द्र सरकार के श्रम विरोधी नीतियों, चार लेबर कोड, महंगाई, भ्रष्टाचार, नीतिकरण, बेरोजगारी के विरोध में केन्द्रीय ट्रेड यूनियन की देशव्यापी हड़ताल मे हजारों मजदूर एकजुट हुए. उन्होंने अपने-अपने संस्थानों के सामने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबारी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. कई सरकारी संस्थानों में दिनभर तक कामकाज ठप्प रहा। केन्द्रीय ट्रेड यूनियन की जमशेदपुर में हड़ताल किया गया जो सफल रही. गुरुवार को हड़ताल की शुरुआत केन्द्रीय ट्रेड यूनियन की ओर से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बिस्टुपुर मुख्य शाखा के गेट पर पीकेटिंग से की गई. वहां के कर्मचारी यूनियन ‘एनसीबीई’ को हड़ताल का समर्थन था। बिष्टुपुर स्थित भारतीय बैंक ऑफ इंडिया के गेट पर करीब नौ बजे केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के लोग जुटे व नारेबाजी की. उन्होंने लोगों के बीच पर्चा वितरण किया. इस दौरान पुलिस प्रशासन भी वहां जानकारी मिलने प पहुंची जिसके बाद केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के नेताओं ने कहा कि आज पूरे देश में श्रमिकों की हड़ताल बुलायी गई है. केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के लोग सुबह करीब 11 बजे तक गेट पर रहे।
इसके बाद केन्द्रीय ट्रेड यूनियन एटक, सीटू, शिक्षक संघ ,बैंक कर्मचारी यूनियन, एलआईसी कर्मचारी संगठन, सीमेंट कामगार यूनियन, टाटा पावर मजदूर यूनियन, बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन, राजपत्रित कर्मचारी यूनियन, बीएसएसआर के नेता और सदस्य सैकड़ों की संख्या में जुबिली पार्क के गेट के सामने जुटे. इस दौरान मजदूर लगातार केन्द्र सरकार के खिलाफ चार लेबर कोर्ट के खिलाफ, बैंक ,एलआईसी, जीआईसी, रेलवे, डिफेंस में निजीकरण, एलआईसी में 100 प्रतिशत एफडीआई के खिलाफ, माइंस को निजी हाथों में देने के खिलाफ महंगाई बेरोजगारी के खिलाफ, दैनिक वेतन में वृद्धि की मांग, सरकारी संस्थाओं बैंक, एलआईसी, जीआईसी, सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने की मांग पर लगातार नारेबाजी होती रही। करीब 12 बजे से जुबिली पार्क के सामने रोड जाम कर दिया, जिसके कारण लंबा जाम लग गया. स्कूलों की छुट्टी के समय के कारण जाम को हटाया गया जिससेबच्चों व आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े. इस मौके पर एटक के अंबुज ठाकुर, हीरा अरकने, सीटू के विश्वजीत देव, संजय कुमार, अराजपत्रित कर्मचारी यूनियन के सुभाष यादव, शर्मिला ठाकुर, बीएसएसआर के पीयूष गुप्ता, झारखंड मजदूर यूनियन की पिंकी सिंह, एलआईसी के गिरीश ओझा व सेंट्रल ट्रेड यूनियन के अलग-अलग नेताओं समेत सैकड़ों मजदूरों ने भाग लिया बैंकों की हड़ताल से 5-6 करोड़ का कारोबार प्रभावित केन्द्रीय ट्रेड यूनियन की देशव्यापी हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक व इंडियन ओवरसीज बैंक को छोड़ कर सभी सरकारी बैंकों में हड़ताल रही. वहीं जो बैंक हड़ताल में नहीं रहे उनके कर्मचारियों का भी मिलाजुला समर्थन रहा. बैंकों के साथ एलआईसी, जीआईसी में भी हड़ताल रही. इस दौरान करीब 150 ब्रांच बंद रहे. बैंकों में हड़ताल से करीब 5 से 6 सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा।
फोटो इस्पात फाइल में इनकम टैक्स नाम से आयकर कर्मचारी महासंघ भी हड़ताल में शामिल आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ ने केन्द्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली के आह्वान पर विभाग के कर्मचारियों के कल्याण व सेवा शर्तों से संबंधित अपनी लंबे समय से 20 सूत्रीय मांगों के समर्थन में संयुक्त रूप से आधे वेला हड़ताल की घोषणा की. यह हड़ताल 8वें केन्द्रीय वेतन आयोग के तत्काल गठन व कार्यान्वयन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण व उनके सेवा संबंधी नियमों के विनियमन सहित अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों को लेकर बुलायी गई. आयकर विभाग के कर्मचारियों की मांगों मेंं बढ़ती महंगाई व जीवनयापन की लागत के अनुरूप वेतनमान व भत्तों में संशोधन के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की तत्काल घोषणा व कार्यान्वयन किया. इस मौके पर आईटीजीओए के शाखा सचिव श्रीनिवास, झारखंड के सहायक सचिव प्रवीण चौहान, आईटीइएफ झारखंड के उपाध्यक्ष अविनाश कुमार, रिजनल सेक्रेटरी युगल किशोर मेहता, आयकर कर्मचारी महासंघ जमशेदपुर इकाई के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार कर्ण, शाखा सचिव गौरव कुमार, कोषाध्यक्ष बिरमल हांसदा, नितेश श्रीवास्तव, सुजीत कुमार, घनश्याम चौबे, बलिराम रजक, नयन मंडल, त्रिलोचन, हरपाल, अमित आदि मौजूद थे.
