झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केरल के एक २७ महीने के नन्हे बालक, अणुजीत, को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है, जिसने अंगदान के माध्यम से ८ लोगों को नया जीवन प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने इस महान कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में दूसरों की जान बचाकर यह बच्चा इतिहास में अमर हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चे के माता-पिता के साहस और निस्वार्थ निर्णय को नमन किया, जिन्होंने अपने गहरे दुख के समय में भी मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह घटना अंगदान के महत्व को समझाने के लिए एक प्रेरक मिसाल है।
अणुजीत को मस्तिष्क मृत्यु (ब्रेन डेड) घोषित किए जाने के बाद, उसके माता-पिता ने स्वेच्छा से उसके अंग दान करने का निर्णय लिया था। इस साहसी कदम की बदौलत विभिन्न अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अंग मिल सके और उनका जीवन बच पाया। मुख्यमंत्री सोरेन ने इस घटना को समाज के लिए एक बड़ा संदेश बताया और कहा कि ऐसे उदाहरण लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने केरल सरकार और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करने में मदद की।
