जिले के दलसिंहसराय में निगरानी विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यापतिनगर एवं उजियारपुर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार भगत को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम द्वारा कांड संख्या 23-26 के तहत कार्रवाई की। निगरानी ने दलसिंहसराय स्थित काली चौक के निकट किराया के आवास से गिरफ्तार किया है। नेतृत्व निगरानी पुलिस उपाधीक्षक अखिलेश कुमार स्वयं कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदार से जुड़ा है। घटहो थाना क्षेत्र के मनियारपुर पंचायत निवासी स्व. राम सेवक सिंह के पुत्र डीलर राम एकबाल सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया था। इसमें प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर जन वितरण प्रणाली अंतर्गत अतिरिक्त खाद्य आवंटन बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांगने का आरोप लगाया गया था। इसमें 31 हजार रुपये मांगने का आरोप था।
निगरानी विभाग ने 23 फरवरी को शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के क्रम में आरोपी द्वारा रिश्वत मांग जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के उपरांत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसके बाद सोमवार की रात से ही जाल बिछाया गया और मंगलवार की सुबह कार्रवाई करते हुए एमओ को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
सूत्रों के अनुसार रिश्वत की राशि किस्तों में तय हुई थी। पहली किस्त का भुगतान करीब पांच दिन पूर्व किया जा चुका था। मंगलवार को दूसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाने थे।
जैसे ही डीलर ने काली चौक स्थित आवास पर केमिकल युक्त नोटों की गड्डी एमओ को सौंपी, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम आरोपी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को अपने साथ पटना ले गई। वहां आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद उन्हें निगरानी के विशेष न्यायालय मुजफ्फरपुर में उपस्थापित किया जाएगा। बताया जाता है कि राजेश कुमार भगत के पास विद्यापतिनगर के साथ-साथ उजियारपुर प्रखंड का भी अतिरिक्त प्रभार था। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच दिन भर इस मामले की चर्चा होती रही।
