बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए राज्य के सभी स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस नए नियम के तहत शैक्षणिक संस्थानों और मंदिरों या अन्य पूजा स्थलों के निर्धारित दायरे के भीतर मांस की दुकानों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों की पवित्रता बनाए रखना और छात्रों के लिए एक उपयुक्त शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करना है। स्थानीय प्रशासन को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
इस फैसले के बाद संबंधित विभागों ने प्रभावित क्षेत्रों में दुकानों का सर्वेक्षण और सीमांकन शुरू कर दिया है। जहाँ एक ओर सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, वहीं दूसरी ओर मांस विक्रेताओं के बीच अपनी आजीविका को लेकर चिंताएँ पैदा हो गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक भावनाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए लागू किया जा रहा है। आने वाले दिनों में नगर निकायों द्वारा इन विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक स्थानों या पुनर्वास की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है।
