बिहार विधानसभा के भीतर एक गरमागरम बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना आपा खो बैठे, जिससे सदन की कार्यवाही में भारी तनाव पैदा हो गया। यह घटना तब हुई जब विपक्षी दल के नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और कुछ हालिया प्रशासनिक निर्णयों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। तीखी नोकझोंक के बीच मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई और ऊंचे स्वर में अपनी बात रखी, जिसके कारण सदन में कुछ समय के लिए हंगामा और शोर-शराबा बढ़ गया।
सदन के भीतर मुख्यमंत्री के इस तेवर ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, जहाँ विपक्षी दलों ने इसे अलोकतांत्रिक आचरण बताया है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के नेताओं ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि बार-बार के व्यवधान और व्यक्तिगत टिप्पणियों के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। इस घटना के बाद विधानसभा की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। यह मामला सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है, क्योंकि इसकी वीडियो फुटेज में मुख्यमंत्री के गुस्से को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
