सिधवलिया प्रखंड के सिधवलिया-बिशुनपुरा पथ पर घोघारी नदी स्थित गंगवा गांव में निर्माणाधीन पुल का आधा हिस्सा रविवार को अचानक धाराशायी हो गया।
घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पुल के ढहने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। बताया जाता है कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का निर्माण बापूधाम कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था। सात मार्च 2025 से शुरू हुआ यह कार्य एक वर्ष में पूरा होना था, लेकिन एक मार्च 2026 को ही पुल अर्धनिर्मित अवस्था में ढह गया। ग्रामीणों का कहना है कि मार्च माह तक पुल बनकर तैयार हो जाना था। यह पुल नाबार्ड योजना के तहत बनाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार पुल के एक खंड की ढलाई पूरी हो चुकी थी, जबकि दूसरे खंड के लिए मिट्टी भराव के बाद पीसीसी कर सेंटरिंग की गई थी। लगभग दो-तिहाई ढलाई का कार्य हो चुका था। रविवार दोपहर शेष भाग की ढलाई शुरू होते ही संरचना भार सहन नहीं कर सकी और ढह गई। स्थानीय लोगों के अनुसार भराव की गई मिट्टी के दोनों ओर पानी जमा था, जिससे मिट्टी गीली होकर धंस गई और पीसीसी का वजन सहन नहीं कर पाई।
ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री व लापरवाही को हादसे का कारण बताया है। उनका कहना है कि यह सरकारी धन और आम जनता की गाढ़ी कमाई का नुकसान है। इस संबंध में संवेदक और अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो सका। घटना की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने की है।
