राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और समाज को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जैसे युवा देश के लिए एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सकारात्मक बदलाव का एक बड़ा अवसर है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए ‘स्किल द नेशन चैलेंज’ का शुभारंभ किया और ओडिशा के रायरंगपुर में इग्नू के क्षेत्रीय केंद्र और कौशल केंद्र का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि तकनीक का उपयोग समावेशी होना चाहिए ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग, उम्र और पिछड़े समुदायों तक पहुंच सके। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे तकनीक, ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा और दूसरों को सशक्त बनाने के लिए करें। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि आने वाले दशक में एआई देश की जीडीपी रोजगार सृजन और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डेटा साइंस और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल भारत के एआई टैलेंट पूल को मजबूत करेंगे, जिससे भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
