सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के की ओर से बिष्टुपुर स्थित चैम्बर भवन में व्यवसाय में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों का महत्व’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य वर्तमान बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका व पारदर्शिता, दक्षता व नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों के महत्व पर प्रकाश डालना था. कार्यक्रम में यह बताया गया कि किस प्रकार तकनीक और सुशासन मिलकर व्यवसायों को अधिक सशक्त बना सकते हैं।
चैम्बर भवन में आयोजित कार्यशाला के वक्ताओं में गौरव बर्धन, पार्टनर, प्राइस वाटरहाउस एलएलपी, अंशुमान झुनझुनवाला, डायरेक्टर, प्राइस वाटरहाउस एलएलपी व श्रद्धा अग्रवाल, फाउंडर डायरेक्टर, इज़्ज़किटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड थे. चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि एआई स्थानीय व्यापार को वैश्विक बनाने की शक्ति है. वक्ताओं ने अपने व्यापक अनुभव के आधार पर बताया कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग प्रक्रिया स्वचालन, जोखिम प्रबंधन, धोखाधड़ी की पहचान एवं बेहतर निर्णय लेने में किया जा सकता है. साथ ही, उन्होंने व्यवसायों की सुरक्षा और दीर्घकालिक विकास के लिए प्रभावी आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्राईस वाटर हाउस एलएलपी के दो अन्य अनुभवी विशेषज्ञ परख अग्रवाल, मेघा चौधरी भी थी. मंच संचालन महासचिव पुनीत कावंटिया व धन्यवाद ज्ञापन सचिव विनोद शर्मा ने किया. इस मौके पर चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया, महासचिव पुनीत कावंटिया, उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, सचिव भारत मकानी, अंशुल रिंगसिया, पूर्व अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, मोहित मूनका, राजेश अग्रवाल आदि मौजूद थे।
