पटना के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने परं थानेदारों के तबादले किए गए हैं। 24 थानों में नए थानेदार की तैनाती हुई है। वहीं 19 पुलिस अफसर जो थानेदार के तौर पर तैनात थे, उनकी छुट्टी कर दी गई। थानेदारी से हटाए गए कई इंस्पेक्टर-दारोगा को पुलिस लाइन या फतर अगल-अलग दफ्तरों में तैनात किया गया है। वहीं, कई थानेदारों की तैनाती एक तेज-तर्रार अफसरों की जरूरत से दूसरे थाने में कर दी गई है।
माना जा रहा है कि थानेदारों के कामकाज की जमीन विवाद में एक थानेदार पर उठे थे सवाल बदले गए थानेदारों में एक थानेदार पर जमीन विवाद में कुख्यात का बचाव करने को लेकर कार्रवाई हुई है। सूत्रों के मुताबिक शहरी इलाके के एक थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले एक कुख्यात का नाम विवादित जमीन पर कब्जा करने में सामने आया था। उस जमीन को लेकर गोली भी चली, लेकिन केस में उसका नाम नहीं दिया गया। इसे लेकर थानेदार पर सवाल उठने लगे थे। लिहाजा उन पर भी कार्रवाई की गई।
पटना जिले में अधिकतर थाने इंस्पेक्टर रैंक के हैं। लिहाज़ा यहां तेज-तर्रार अफसरों की जरूरत है। 2024 के जनवरी में चुनाव को लेकर बड़े स्तर पर तबादले हुए थे। इसमें कई तेज-तर्रार इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों को भी बदल दिया गया था। वे सभी तकनीकी रूप से मजबूत थे। वहीं, पटना में आने वाले अधिकांश इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों को मोबाइल सर्विलांस की भी पूरी जानकारी नहीं थी। समीक्षा के बाद ये तबादले किए गए हैं। कुल 44 इंस्पेक्टर-दारोगा का तबादला एसएसपी अवकाश कुमार ने मंगलवार को किया।
