March 26, 2026
Aditya Rikhari

भारत की विविध संगीत विरासत का जश्न मनाने वाले मंच, ‘कोक स्टूडियो भारत’ ने अपने चौथे सीजन का आगाज़ पहले ट्रैक ‘ऐ अजनबी’ के साथ कर दिया है। यह गाना उस एहसास के बारे में है जो कभी पुराना नहीं होता— और वह है ‘तड़प’।  आदित्य रिखारी की सुरीली और सहज आवाज़, लोक संगीत के उस्ताद कुतले खान की रूहानी गायकी और रैवाटॉर के शानदार प्रोडक्शन के साथ तैयार यह गाना दो अलग-अलग दौरों के बीच की बातचीत जैसा है। यह उस प्यार को बयां करता है जो कभी चिट्ठियों में लिखा जाता था और उस प्यार को भी जो आज के दौर में ‘अनसेंट’ (ना भेजे गए) मैसेज में दबा रहता है। ‘ऐ अजनबी’ प्यार की उस सरल लेकिन शाश्वत सच्चाई को टटोलता है कि भले ही प्यार जताने की भाषा बदल गई हो, लेकिन उसके पीछे का दर्द आज भी वही है। यह गाना चोरी-छिपे देखने और हाथ से लिखी कविताओं की शांति से लेकर, देर रात वाले मैसेज और अनकहे इकरार की बेचैनी तक, हर दौर के इंतज़ार को महसूस कराता है। यह न तो बीते कल को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है और न ही आज की भाग-दौड़ में खो जाता है; यह दोनों को एक साथ, हर सांस में जीने का मौका देता है।

गीत के नज़रिये से देखें तो यह गाना भावनाओं के एक पुल जैसा है। इसमें लोक संगीत की धुन और आज का पॉप संगीत इतनी सहजता से मिलते हैं कि यह परंपरा को साथ निभाते हुए भी बिल्कुल आधुनिक लगता है। रिखारी अपनी आवाज़ से गाने को आज की हकीकत से जोड़ते हैं, वहीं कुतले खान इसमें वो गहराई और रूहानी सुकून भर देते हैं जो सदियों पुरानी तड़प जैसा महसूस होता है। रैवाटॉर इन दोनों अलग-अलग दुनियाओं को खूबसूरती से एक साथ लाते हैं, जिससे गाने को एक नया निखार मिलता है और उसकी मूल भावना भी सुरक्षित रहती है। नतीजा यह है कि यह गाना उन लोगों के दिलों को भी छूता है जो पुराने सुरीले गानों के साथ पले-बढ़े हैं और उन्हें भी, जो आज के दौर में पहली बार प्यार को महसूस कर रहे हैं।

कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया के आईएमएक्स (एकीकृत विपणन अनुभव) प्रमुख, शांतनु गंगाने ने कहा, “आज का भारतीय संगीत किसी एक दायरे तक सीमित नहीं है। श्रोता अब लोक संगीत, इंडी, इलेक्ट्रॉनिक और कई अन्य शैलियों के बीच सहजता से जुड़ते हैं। ‘ऐ अजनबी’ के साथ, कोक स्टूडियो भारत अलग-अलग पीढ़ियों, संस्कृतियों और संगीत की ध्वनियों को एक साथ जोड़ रहा है। हम इस सीजन की शुरुआत बेहद प्रतिभाशाली और युवाओं की पसंद आदित्य रिखारी के साथ करने को लेकर रोमांचित हैं। उनकी लोकप्रियता और लोक उस्ताद कुतले खान की पारंपरिक जड़ों का यह मेल कोक स्टूडियो भारत के मूल भाव का उत्सव है। डीजे रैवाटॉर ने इन दो अलग-अलग दुनियाओं को एक संगम पर लाने में कमाल का काम किया है, जो कोक स्टूडियो भारत सीजन 4 की एक शानदार शुरुआत है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *